**पढ़ता था सूत्र-समाकलन**
पढ़ता था सूत्र-समाकलन,
पर चेहरे पर तेरे अटक गया।
जोड़ा था भविष्य सुनहरा,
प्रेम में पड़कर भटक गया।।
डॉक्टर, इंजीनियर बनने के,
सपने सारे धूमिल हुए।
तेरी एक मुस्कान के आगे,
मेरे सारे तर्क शून्य हुए।।
किताबों से जो नाता था,
धीरे-धीरे ढल गया।
रसायन पढ़ने बैठा था,
तेरे ख़यालों में घुल गया।।
भौतिकी के नियम छोड़कर,
तेरी बातें याद रहीं।
परीक्षा में उत्तर कम थे,
बस तेरी ही फ़रियाद रहीं।।
जब तक तेरी राह तका,
हर अवसर हाथों से फिसल गया।
अंकगणित का छात्र था मैं,
शायरी में निकल गया।।
अब जब नतीजे आए हैं,
सबने मुझको ज्ञान दिया।
मेहनत से जो दूर हुआ,
उसने ही नुकसान लिया।।
फिर भी दिल ये कहता है,
कोई शिकवा नहीं तुझसे।
हार गया हूँ पढ़ाई में,
पर एक कविता मिल गई तुझसे।।
©RKPal
इस प्रकार की अन्य जानकारियों के लिए आते रहिए इस Website (www.rajkumarpal.in) पर
यदि आपने अभी तक हमारे यूट्यूब चैनल https://youtube.com/@thefundamentaltruth, टेलीग्राम चैनल https://t.me/nawprabhat और google map https://maps.app.goo.gl/g5GBWa9Zsjo5ihi28 को सब्सक्राइब नहीं किया है तो इसे सब्सक्राइब करते हुए बेल आइकॉन को भी प्रेस अवश्य करें। यदि आप यह वीडियो Facebook पर देख रहे हैं तो हमारे Facebook Page https://www.facebook.com/rajkumarpl.pal को लाइक और यदि Instagram पर देख रहे तो https://www.instagram.com/the_fundamental_truth?igsh=cjl6czBobXg3OHMz और Whatsapp चैनल https://whatsapp.com/channel/0029Vb483ViGE56hiICKuR2V को भी फॉलो अवश्य करें। वीडियो/पोस्ट को लाइक, शेयर करना न भूलें। और भी बहुत कुछ मिलेगा आपको हमारी www.rajkumarpal.in पर। यहाँ अवश्य logon करें। website पर आप अपनी भागीदारी भी देते हुए आप अपने लेख, अपनी रचनाएँ भी निःशुल्क प्रकाशित करा सकते हैं। जानकारियों के लिए संपर्क करें हमारे whatsapp no. 7828694476 पर।
धन्यवाद

